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Holi Dahan 2017 Special: Janiye holika dahan ka shi samay or puja vidhi

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Holi Dahan Muhurat – भारत त्यौहारों का देश है, ये तो आप जानते ही हैं। कई तरह के त्यौहार यहाँ मनाये जाते हैं। उन्ही में से एक है होली जिसके बारे में हम बात कर रहे हैं। जैसा कि आप जानते हैं होली आने ही वाली है जिसे हम सब बड़े ही उल्लास और धूम धाम से मनाते हैं।

इस दिन होली की पूजा की जाती है और पूजा के बाद अगले दिन हम इसे रंग गुलाल से खेलते हैं। तो चलिए इस बार की होलिका दहन के बारे में आपको जानकारी दे दें जिससे पूजा का समय और पूजा करने की विधि आपको भी पता चल जाये।

होली खेलने के पहले होलिका दहन किया जाता है, जिसे हम होलिका दीपक और छोटी होली भी कहते हैं। ये होलिका दहन प्रदोष काल में शुरू होता है जब भद्रा खत्म होता है।

माना जाता है कि भद्रा काल में कोई भी शुभ कार्य नही किये जाते हैं। इसी के साथ होली दहन का एक शुभ समय होना बहुत आवश्यक होता है। तो होलिका दहन का सही समय बता देते हैं।

कहा जाता है कि किसी और त्यौहार को अगर मुहूर्त में नही करो तो उससे सिर्फ आपको पूजा का फल नही मिलेगा। लेकिन अगर आप होलिका दहन को मुहूर्त पर नही करते हैं तो वो आपके लिए अशुभ हो सकता है।

हिन्दू धर्म के अनुसार होलिका दहन के दिन सभी लोग दहन से पहले पूजा करते हैं उसके बाद होलिका दहन किया जाता है। इस दिन हम बुराई को जला कर अच्छाई का उल्लास मनाते हैं।

ये तो आप सभी जानते हैं कि इस साल होली 13 मार्च 2017 को मनाई जाएगी। इसके पहले आपको बता दे, वहीँ होलिका दहन 12 मार्च 2017 को किया जायेगा। बता दे कि होलिका दहन का शुभ मुहूर्त 12 मार्च 2017 को शाम 06:23 से रात 08:23 तक रहेगा। इस बिच का समय रहेगा 1 घंटा 59 मिनट्स। वहीं भद्रा पंचा सुबह 04:11 से 05:23 और भद्रा मुखा सुबह 05:23 से 07:23 तक रहेगा

 

Holi 2017 – Shuruvat ho chuki hai rango ke ane ki, a raha rango ka tayohar

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जैसा की आप सभी जानते है कि होली एक धार्मिक त्यौहार है जिसे हिन्दुओ द्वारा मनाया जाता है, और ऐसा नहीं है कि होली को सिर्फ भारत में ही मनाया जाता है बल्कि यह त्यौहार पुरे देश में मनाया जाता है। जैसा की आप जानते है कि इस बार होली 13 मार्च 2017 को है। 13 मार्च को रंगों वाली होली खेली जाएगी, और उसके एक दिन पहले मतलब 12 मार्च को होलिका दहन किया जाएगा। होली को हिन्दुओ का दुसरा सबसे बड़ा त्यौहार माना जाता है इसके पहले दिवाली को बड़ा त्यौहार माना जाता है। होली रंगों का त्यौहार है। इस दिन को लोग रंगों के साथ मनाते है।

इस त्यौहार का इंतज़ार सभी बड़ी ही बेसब्री के साथ करते है। होली का सबसे रंगीन समा ब्रज में देखने को मिलता है जहाँ कृष्णा भगवान गोपियों के साथ होली खेला करते थे। सभी जगह के साथ साथ सबसे ज्यादा ब्रज की होली लोकप्रिय मानी जाती है साथ ही वह काफी फेमस भी है। आपको बता दें की मथुरा, व्रंदावन, गोकुल,नन्दगाँव, बरसाना में लट्ठमार होली खेली जाती है जिसे सभी मग्न होकर खेलते है।

आप सभी जानते ही है की होली दो दिन मनाई जाती है पहले दिन जलाने वाली होली के नाम से और दूसरे दिन रंग वाली होली के नाम से। जलाने वाली होली को छोटी होली और होलिका दहन भी कहा जाता है, इस दिन रात में जब सूर्यास्त हो जाता है तो लोग लकड़ियों का झुण्ड बनाकर उसे जलाते है। और उसके बाद दूसरे दिन एक दूसरे को रंग लगाकर जश्न मनाते है। रंग वाली होली को लोग धुलंडी के नाम से भी जानते है। होली के दिन दुश्मन भी आपस में गले मिल जाते है।

होली को रंगों का त्यौहार कहा जाता है। होली के दिन लोग गुलाल और पक्के रंगों से होली खेलते है और एक दूसरे को रंगों में रंग देते है। होली एक ऐसा त्यौहार है जो रंगों को और खूबसूरत बनाता है। होली पर लोग एक दूसरे के घर जाकर उन्हें रंग लगाते है और अपने रिश्ते को और मजबूत बनाते है।